शादी का अर्थ और शादी के 7 वचन

शादी का अर्थ और शादी के 7 वचन, शादी का अर्थ: शादी, एक पर्याप्त तरीका है जिससे दो व्यक्तियों को आपसी प्यार, साझा जीवन और समर्पण की प्रतिज्ञा करते हुए एक साथ जीने का मौका मिलता है। यह न केवल दो लोगों के बीच एक रिश्ते की शुरुआत होती है, बल्कि यह एक परिवार और समाज की नींव भी होती है। शादी का अर्थ है एक-दूसरे की समर्थना, सख्तियों का सामना, और खुशियों और दुखों को साथ में बाँटने की ताकत।

शादी के 7 वचन: प्रतिज्ञाएँ और संकल्प

प्रथम वचन – आपसी समर्पण: “मैं प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि मैं आपके साथ खुशियों और दुखों को साझा करूँगा/करूँगी। मैं आपके सपनों का समर्थन करूँगा/करूँगी और आपके साथ हर मुश्किल को पार करने में सहायता करूँगा/करूँगी।”

शादी का अर्थ और शादी के 7 वचन
शादी का अर्थ और शादी के 7 वचन

द्वितीय वचन – प्यार और समर्पण: “मैं प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि मैं आपसे प्यार और समर्पण से अपने जीवन को भरूँगा/भरूँगी। मैं आपके सपनों को अपने सपनों में शामिल करके आपके साथ चलूँगा/चलूँगी और आपके जीवन के हर पल में आपके साथ रहूँगा/रहूँगी।”

तृतीय वचन – समृद्धि और आर्थिक सहयोग: “मैं प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि मैं आपके साथ समृद्धि और आर्थिक सहयोग के लिए प्रतिबद्ध रहूँगा/रहूँगी। मैं हमारे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों को भी उठाऊँगा/उठाऊँगी और हमारे जीवन के आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कठिनाइयों का सामना करूँगा/करूँगी।”

चतुर्थ वचन – समर्थन और प्रेरणा: “मैं प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि मैं आपके सपनों का समर्थन करूँगा/करूँगी और आपको हमेशा प्रेरित करूँगा/करूँगी। मैं आपके साथ आपके उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए सहयोग करूँगा/करूँगी और आपके जीवन के सभी क्षेत्रों में आपके साथ हूँगा/हूँगी।”

पंचम वचन – सच्चाई और विश्वास: “मैं प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि मैं आपके साथ सच्चाई और विश्वास के साथ रहूँगा/रहूँगी। मैं हमेशा आपके साथ होकर आपके सभी राज़ और खुशियों को साझा करूँगा/करूँगी और हमेशा आपके आत्मिक विकास में मदद करूँगा/करूँगी।”

षष्ठ वचन – समानता और समझ: “मैं प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि मैं हमेशा आपके साथ समानता और समझ के साथ रहूँगा/रहूँगी। मैं आपके दृष्टिकोण को समझने का प्रयास करूँगा/करूँगी और हमेशा आपके साथ आपके सभी निर्णयों का समर्थन करूँगा/करूँगी।”

सप्तम वचन – आपसी समझ और सख्तियों का सामना: “मैं प्रतिज्ञा करता/करती हूँ कि मैं आपके साथ आपसी समझ और सख्तियों का सामना करूँगा/करूँगी। मैं हमारे रिश्ते को मजबूती से बांधने का प्रयास करूँगा/करूँगी और हमेशा आपके साथ आपके जीवन के हर मोड़ पर हूँगा/हूँगी।”

यह 7 वचन हमें यह बताते हैं कि शादी केवल दो लोगों के बीच नहीं होती, बल्कि यह दो आत्माओं की अनबिंधित प्रेम और समर्पण की कहानी होती है। यह वचन हमें यह सिखाते हैं कि शादी में सिर्फ आपसी प्यार नहीं होता, बल्कि यह आपसी समझ, साझा जीवन, आपसी समर्थन, और आपसी विश्वास का प्रतीक होता है।

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